19 Minute Viral Video: ब्रेकिंग! 19 Minute Viral Video पर पुलिस का सख्त एक्शन – जानिए क्या है पूरा मामला
सोशल मीडिया पर घूम रहे 19 मिनट के वायरल वीडियो को लेकर पुलिस ने बड़ी चेतावनी दी है। साइबर सेल ने साफ कहा – वीडियो AI जनरेटेड है, शेयर या डाउनलोड करने पर जेल और भारी जुर्माने का खतरा।

19 Minute Viral Video: पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर “19 मिनट का वायरल वीडियो” नाम से एक क्लिप ने जबरदस्त हलचल मचा रखी है। यह वीडियो इंस्टाग्राम, व्हाट्सऐप और एक्स (पूर्व ट्विटर) पर तेजी से शेयर हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर एक युवा जोड़ा अंतरंग स्थितियों में दिख रहा है। अब दिल्ली और हरियाणा पुलिस ने इस वीडियो को लेकर बड़ा अपडेट जारी किया है — उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि यह वीडियो AI जनरेटेड है और पूरी तरह से फेक है।
हरियाणा साइबर सेल के अधिकारी अमित यादव ने वीडियो शेयर जारी कर जनता को आगाह किया कि जो लोग इस वीडियो को डाउनलोड, फॉरवर्ड या रीपोस्ट कर रहे हैं, उनके खिलाफ आईटी एक्ट की धाराओं 66, 67 और 67A के तहत सख्त कार्रवाई की जा सकती है। अमित यादव ने बताया कि यह “AI-Generated Video” साइट पर जाकर चेक भी किया जा सकता है, ताकि किसी को गुमराह न किया जाए।
ऑनलाइन फैल रही इस क्लिप को लेकर लोग कई तरह के दावे कर रहे हैं। कुछ इसे असली बता रहे हैं, तो कई का कहना है कि यह वीडियो “AI Tools” से तैयार किया गया है। मजे की बात यह है कि “सीजन 2” और “सीजन 3” नाम से शेयर किए जा रहे एडिटेड वर्ज़न ने लोगों के शक को और गहरा कर दिया है।
अधिकारियों ने कहा कि ऐसे वीडियो को शेयर करना या सेव करना कानूनी तौर पर अपराध है। आईटी अधिनियम, 2000 की धारा 66 के तहत तीन साल तक की सजा या पांच लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है, जबकि धारा 67 और 67A के तहत अश्लील या यौन सामग्री साझा करने पर पांच साल की जेल और दस लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है।
| धारा | अपराध का प्रकार | सजा और जुर्माना |
|---|---|---|
| 66 | कंप्यूटर से संबंधित अपराध | 3 साल तक की कैद या ₹5 लाख तक जुर्माना |
| 67 | अश्लील सामग्री का प्रसारण | 3 साल कैद और ₹5 लाख जुर्माना |
| 67A | यौन कृत्य वाली सामग्री प्रसारित करना | 5 साल कैद और ₹10 लाख जुर्माना |
पुलिस ने फिर से चेतावनी दी है कि अगर कोई व्यक्ति इस वीडियो को शेयर करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ तुरंत मामला दर्ज किया जाएगा। दोबारा अपराध करने पर सजा सात साल तक बढ़ सकती है। इसलिए यूजर्स को यह समझ लेना चाहिए कि सिर्फ “फॉरवर्ड” या “स्टेटस” डालना भी उन्हें भारी पड़ सकता है।
अमित यादव ने कहा – “लोगों को सोशल मीडिया पर किसी भी वायरल कंटेंट को शेयर करने से पहले उसके स्रोत की जांच करनी चाहिए। हर वायरल चीज सच नहीं होती, और इस डिजिटल युग में फेक AI वीडियोज की संख्या लगातार बढ़ रही है।”
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तथाकथित “क्लिप हंटिंग” एक नया ट्रेंड बन गया है, जिसमें युवा सिर्फ वायरल कंटेंट पाने के लिए बिना सोचे-समझे किसी भी लिंक पर क्लिक कर लेते हैं। लेकिन अब यह शौक कानूनी झंझट में बदल सकता है। इसलिए पुलिस की सलाह है – “ऐसे वीडियो से दूरी बनाए रखें, रिपोर्ट करें, और डिजिटल सेफ्टी को प्राथमिकता दें।”
