Sirsa Book Fair: सिरसा CDLU में पहली बार लगेगा ऐसा बड़ा पुस्तक मेला- जानिए डेट और खासियतें!
हरियाणा के सिरसा में पहली बार चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी में दो दिवसीय पुस्तक मेला लगेगा, जिसमें छात्र, शिक्षक और शहरवासी विश्वविख्यात किताबें व पसंदीदा पुस्तकें खरीद सकेंगे। जानिए मेले से जुड़ी सभी खास बातें, डेट्स और रोचक तथ्य।

Sirsa Book Fair: सिरसा के पुस्तक प्रेमियों के लिए जबरदस्त खुशखबरी है! चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी सिरसा के कैंपस में पहली बार इतने बड़े स्तर पर पुस्तक मेले का आयोजन होने जा रहा है। इस मेले का इंतजार न सिर्फ छात्र और शिक्षक कर रहे हैं, बल्कि शहर के पढ़ाई के शौकीन लोग भी खासे उत्साहित हैं, क्योंकि यहाँ बिताए दो दिन—3 और 4 नवंबर—हर किसी के लिए नई किताबों की सौगात लाएंगे। बूढ़े हो या बच्चे, अध्यापक हों या कॉलेज के स्टूडेंट्स, सबको अपनी मनपसंद और लेटेस्ट किताबें चुनने का मौका मिलेगा।
Chaudhary Devi Lal University Book Fair: पुस्तक मेले में दिल्ली समेत देश के कई दूसरे राज्यों से प्रसिद्ध पब्लिशर इकट्ठा होंगे। मेला यूनिवर्सिटी ही नहीं, शहर के बाकी लोगों के लिए भी ओपन रहेगा, ताकि हर आयु के पाठक अपने लिए सही किताब तलाश सकें। इसे लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने तैयारियां तेज़ कर दी हैं। मेले का उद्देश्य है बच्चों में किताबों के प्रति दोबारा से रुचि जगाना, जो ऑनलाइन स्टडी और डिजिटल गैजेट्स के चलते थोड़ी कम हो रही थी।
यूनिवर्सिटी टीचर्स की सिफारिश पर लेटेस्ट किताबें प्रदर्शनी में मौजूद रहेंगी, वहीं विश्वविख्यात लेखक और उनकी चर्चित किताबें भी कलेक्शन में होंगी। यूनिवर्सिटी बजट के मुताबिक़, लाइब्रेरी के लिए भी अपडेटेड किताबें खरीदी जाएंगी, जिससे टीचर्स और स्टूडेंट्स दोनों के लिए नॉलेज का नया खजाना आ सके। मेला इस मायने में भी बेजोड़ साबित होगा क्योंकि यहां कानून की पढ़ाई करने वाले छात्रों को बीएलएस एक्ट और जुड़ी अन्य किताबें भी आसानी से उपलब्ध होंगी। शहर के अधिवक्ता, शिक्षक, स्टूडेंट्स सभी के लिए बेहतरीन प्लेटफॉर्म बनकर सामने आएगा सिरसा का ये पुस्तक मेला।
मेले में घूमते वक्त जब कोई किताब अपनी तरफ़ खींचे, मन में पढ़ने की चाह उठे, तो वही इस मेले की सबसे बड़ी उपलब्धि होगी। बच्चे अपनी पसंद की किताब पाकर विषय में अपडेट हो पाएंगे, वहीं शिक्षक अपने विषय की नई किताबें और रिसर्च मटेरियल भी दख सकेंगे। सिरसा साहित्य प्रेमियों का शहर है—यहाँ हर नई किताब की चर्चा होती है। ऐसे में मेला लोगों को नई साहित्यिक विधाओं से जोड़ने और किताबों के प्रति रुझान बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा।
यदि आपने अब तक पुस्तक मेले का मज़ा नहीं लिया, तो 3-4 नवंबर को यह शानदार अवसर न गंवाएँ। अपनी पसंदीदा किताब खरीदिए, लेखक से मिलिए, और सिरसा के इस ऐतिहासिक पुस्तक मेले का हिस्सा बनिए!
