
Haryana Road Safety Policy: हरियाणा में नशे में ड्राइविंग पर अब लगने वाली लगाम कड़क हो गई है। सिर से लेकर तल तक, हरियाणा पुलिस ने सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाने की ठानी है। खास बात ये है कि प्रदेश के सभी प्रमुख टोल प्लाजाओं पर पुलिसकर्मियों को अल्को-सेन्सर और ई-चालान मशीनों के साथ तैनात कर दिया गया है, ताकि नशे की हालत में गाड़ी चलाने वालों पर तुरंत कार्रवाई हो सके।
यह कदम राज्य के डीजीपी ओ.पी. सिंह के निर्देशों के तहत उठाया गया है, जिनका मकसद सड़क हादसों को रोकना और यात्रियों की जिंदगी सुरक्षित बनाना है। पिछले कुछ वर्षों में नशे में ड्राइविंग की वजह से बढ़े हादसों की संख्या को देखते हुए, अब हरियाणा में नशे में वाहन चलाने वालों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी, जिसमें चालान के साथ-साथ लाइसेंस रद्द करने का भी प्रावधान है।
हरियाणा में नशे में ड्राइविंग पर रोक के कदम
हरियाणा पुलिस ने इस साल करीब 63,000 से अधिक चालान जारी किए हैं, जिनमें से अधिकांश सिर से लेकर टोल प्लाजा तक पर किए गए हैं। गुरुग्राम में अकेले ही लगभग 25,000 चालान जारी हुए हैं। इन अभियान का मुख्य उद्देश्य नशे में ड्राइविंग की बढ़ती प्रवृत्ति को रोकना और दुर्घटना रेट को कम करना है। खास बात यह है कि नशे में ड्राइविंग करने वाले चालकों को अब 15 से 20 दिन तक जेल में भी रहना पड़ सकता है। इसके अलावा, शराब पीकर वाहन चलाने वालों का लाइसेंस तीन महीने के लिए ब्लॉक कर दिया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार का हादसा न हो सके।
अधिकारियों का संदेश और सड़क सुरक्षा योजनाएं
डाइरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) OP सिंह ने कहा है कि सरकार ने यह अभियान तेजी से चलाने का निर्देश दिया है ताकि सड़क पर जिम्मेदार और सुरक्षित ड्राइविंग को बढ़ावा दिया जा सके। पुलिस विभाग ने भी यह निर्णय लिया है कि शराब पीकर वाहन चलाने वालों को तुरंत गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, सड़क के हर उस कोने पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, जहां शराब पीने का खतरा अधिक रहता है। इन कदमों का उद्देश्य न केवल दुर्घटना घटाना है बल्कि यात्रियों की जान की रक्षा भी है।
सरकारी प्रयास और निष्कर्ष
हरियाणा सरकार ने सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए करीब 74.5 करोड़ रुपये का बजट भी मंजूर किया है, जिसमें सड़क सुरक्षा के लिये सीसीटीवी कैमरे, ट्रेनिंग सेंटर, और एंबुलेंस जैसी सुविधाओं पर खास ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं का आंकड़ा घटने के साथ ही, सरकार ने जागरूकता अभियानों और कड़े नियम लागू करने पर जोर देना शुरू कर दिया है। इन प्रयासों से न सिर्फ यातायात व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि हरियाणा में सड़क दुर्घटना घटने की संख्या में भी भारी कमी देखने को मिलेगी।
