हरियाणा में 14 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता को मिलेगा 4 लाख मुआवजा, हाईकोर्ट ने गर्भपात पर लगाई रोक
हरियाणा सरकार ने 14 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता को 4 लाख का मुआवजा देने की घोषणा की। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने नाबालिग की कम उम्र को देखते हुए गर्भपात की अनुमति देने से किया इनकार।

हरियाणा से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। 14 साल की मासूम बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। सरकार ने पीड़िता के परिवार को 4 लाख रुपये मुआवजे के रूप में देने का ऐलान किया है। यह रकम क्राइम विक्टिम कंपेंसेशन स्कीम के तहत दी जाएगी। लेकिन इसके साथ ही एक बड़ी निराशा भी सामने आई, क्योंकि पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पीड़िता को मेडिकल आधार पर गर्भपात की अनुमति नहीं दी।
कोर्ट ने साफ कहा कि चूंकि लड़की की उम्र बेहद कम है और मेडिकल रिपोर्ट में गर्भपात के दौरान जान को खतरा बताया गया है, इसलिए फिलहाल इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने सरकार और संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि पीड़िता की हर तरह से सुरक्षा और स्वास्थ्य का ध्यान रखा जाए।
लोगों में इस फैसले को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। एक तरफ जहां सरकार का मुआवजा देने का कदम राहतभरा माना जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ गर्भपात की अनुमति न मिलने से पीड़िता और उसके परिवार की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर गुस्सा और संवेदनशीलता झलक रही है।
जानकारों का कहना है कि ऐसे मामलों में कानून और मेडिकल प्रक्रिया दोनों का पालन करना बेहद जरूरी होता है, लेकिन यह भी सच है कि नाबालिगों को इस तरह से जीवनभर की पीड़ा झेलनी पड़ती है। समाज में ये सवाल भी उठ रहा है कि क्या सिर्फ मुआवजा देना ही काफी है या फिर इस तरह के अपराधों को रोकने के लिए और कड़े कदम उठाने होंगे।
हरियाणा सरकार ने पीड़िता और परिवार को भरोसा दिया है कि केस की पूरी सुनवाई तेजी से की जाएगी और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए एडवोकेट जनरल की टीम सक्रिय रूप से पैरवी करेगी। अब देखना होगा कि आने वाले समय में यह केस किस तरह से आगे बढ़ता है।
