US Deport Indian Youth: अमेरिका से बेड़ियों में लौटे हरियाणा के 50 युवक- डंकी रूट से गए थे विदेश, अब आई दर्दभरी घरवापसी
अमेरिका ने हरियाणा के 50 युवकों को अवैध रूप से ठहरने के आरोप में बेड़ियों में बांधकर भारत भेजा। डंकी रूट से पहुंचे थे विदेश, अब परिवारों में मातम। जानिए पूरी रिपोर्ट।

US Deport Indian Youth: हरियाणा के कई गांवों में इस वक्त सन्नाटा पसरा है। वजह—अमेरिका से लौटे वो 50 युवक, जिन्हें बेड़ियों में बांधकर दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचाया गया। शनिवार शाम जब विमान उतरा तो हर किसी की आंखें नम हो गईं। ये सभी युवक डंकी रूट से अमेरिका पहुंचे थे, यानी वो खतरनाक रास्ता जिसके ज़रिए हजारों भारतीय अवैध तरीके से विदेशों में घुसते हैं। वहां पहुंचकर उन्होंने किसी तरह काम मिलने की उम्मीद की, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त पॉलिसी के तहत अब उन्हें हिंदुस्तान लौटना पड़ा।
Donkey Route: दिल्ली एयरपोर्ट का नज़ारा किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था। हाथों और पैरों में बेड़ियाँ, चेहरे पर झेंप, और आंखों में लाचारी। जैसे ही विमान का दरवाजा खुला, अंदर से एक-एक कर युवकों को बाहर लाया गया। एयरपोर्ट पर पहले से मौजूद हरियाणा पुलिस की टीमें उन्हें उनके-उनके जिलों के अनुसार थामने पहुंची थीं। प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी को उनके गांवों में भेजा गया, जहां पुलिस ने उनका सत्यापन किया और ज़रूरी पूछताछ के बाद परिवारों को सौंप दिया।
अब तक कैथल जिले के गांव तारागढ़ निवासी नरेश कुमार के खिलाफ पुलिस जांच में दो आपराधिक केस सामने आए हैं – एक शराब तस्करी का और दूसरा चेक बाउंस का। इस कारण नरेश को हिरासत में ले लिया गया है। बाकी युवकों की जांच अभी जारी है।
जानकारी के मुताबिक, इनमें से ज्यादातर युवक पंजाब और हरियाणा के ग्रामीण इलाकों से थे, जो दलालों के झांसे में आकर डंकी रूट से अमेरिका पहुंचे। ये रास्ता बिना वीजा खतरनाक जंगलों, समुद्रों और सीमाओं से होकर गुजरता है। कई बार इसी सफर में लोगों की जान तक चली जाती है। बावजूद इसके, विदेश में चमकते सपनों के चक्कर में ग्रामीण ये जोखिम उठा लेते हैं।
अमेरिकी एजेंसियों का यह एक और बड़ा रेड ऑपरेशन था, जिसमें सैकड़ों भारतीयों को डिपोर्ट किया गया। राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश पर ऐसे सभी नागरिकों पर कार्रवाई तेज कर दी गई है, जो अमेरिका में बिना पूरे डाक्यूमेंट्स के रह रहे हैं या फर्जी पहचान के आधार पर नौकरी कर रहे हैं।
हरियाणा पुलिस फिलहाल इन सभी युवकों के पासपोर्ट, एजेंटों और ट्रैवल मोड की जांच में जुटी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कुछ युवकों ने लाखों रुपये देकर विदेश जाने की व्यवस्था कराई थी। जांच के बाद उन एजेंटों के खिलाफ भी केस दर्ज होंगे जिन्होंने इन युवाओं का जीवन दांव पर लगाया।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर “डंकी रूट” की काली सच्चाई को उजागर कर दिया है—जहां चमकदार सपनों का रास्ता अक्सर दर्द, धोखे और हैरानी से भरा होता है।
