SIRSA NEWS : खन्ना से अपहरण के बाद बिहार ले जाया जा रहा था मासूम, फिर हुआ ये चमत्कार
पंजाब के खन्ना से तीन साल के बच्चे का अपहरण, पड़ोसी ने बेचा बिहारी दंपती को। सिरसा पुलिस ने घंटों में किया बरामद। संतोष पंडित-रीता देवी गिरफ्तार।

खन्ना से बच्चे का अपहरण, सिरसा में दंपती गिरफ्तार: खेलते वक्त पड़ोसी ने अगवा किया, फिर बेचा, अब ले जा रहे थे बिहार
घर के बाहर खेलते मासूम को पड़ोसी ने बनाया निशाना, सिरसा पुलिस की तत्परता से घंटों में हुई बरामदगी
SIRSA NEWS : पंजाब के खन्ना से तीन साल के मासूम बच्चे के अपहरण की सनसनीखेज घटना में सिरसा पुलिस की सीआईए टीम ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। जिस बच्चे को पड़ोसी ने खेलते वक्त अगवा करके बिहार के एक दंपती के हवाले कर दिया था, उसे सिरसा की अलर्ट पुलिस ने महज कुछ घंटों में बरामद कर लिया है।
यह मामला इसलिए और भी चौंकाने वाला है क्योंकि बच्चे का अपहरण किसी अनजान शख्स ने नहीं बल्कि उसी के पड़ोसी ने किया था। सिरसा की सीआईए टीम के प्रभारी उप-निरीक्षक प्रेम कुमार को जब पंजाब के माछीवाड़ा थाने से सूचना मिली कि अपहरणकर्ता अपने शिकार को लेकर सिरसा की तरफ भाग रहे हैं, तो तुरंत बरनाला रोड पर नाकाबंदी कर दी गई।
पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई का नतीजा यह रहा कि पंजाब रोडवेज की एक बस की तलाशी के दौरान दो संदिग्ध व्यक्तियों के साथ तीन साल का बच्चा मिला। पूछताछ में यह बात सामने आई कि ये लोग बच्चे को बेचने के मकसद से बिहार ले जा रहे थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान संतोष पंडित और रीता देवी के रूप में हुई है, जो दोनों बिहार के मोतीहारी जिले के दुबडबाना इलाके के रहने वाले हैं।
इस पूरे मामले में सबसे दुखद बात यह है कि मासूम का अपहरण उसी के पड़ोसी ने किया था। बच्चा घर के बाहर खेल रहा था जब पड़ोसी ने मौका देखकर उसे उठाया और सौदेबाजी करते हुए बिहारी दंपती के हवाले कर दिया। यह घटना दिखाती है कि आज के दौर में बच्चों की सुरक्षा के लिए अपने ही पड़ोसियों से सावधान रहना पड़ रहा है।
पंजाब और हरियाणा पुलिस के बीच इस समन्वय की वजह से यह ऑपरेशन सफल रहा। सिरसा के डीएसपी अर्शदीप सिंह ने इस मामले में बताया कि बिहार निवासी दंपती पंजाब से तीन साल के बच्चे को किडनैप करके बेचने की फिराक में थे और सीआईए की टीम ने उन्हें काबू कर लिया है। अब पंजाब पुलिस को इस मामले में सूचित कर दिया गया है और आगे की जांच चल रही है।
यह केस बाल तस्करी के बढ़ते मामलों को उजागर करता है जहां मासूमों को बेचने के लिए एक पूरा नेटवर्क काम कर रहा है। पुलिस का मानना है कि यह एक सोची-समझी साजिश थी और इसके पीछे बच्चा बेचने का पूरा गिरोह सक्रिय हो सकता है। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाया जा रहा है कि इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं और कितने पैसों में सौदा हुआ था।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में डर का माहौल है क्योंकि जिस पड़ोसी पर भरोसा करके बच्चों को छोड़ा जाता था, वही गलत काम में लिप्त निकला। सिरसा पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई की वजह से बच्चा सकुशल अपने परिजनों तक पहुंच गया है, वरना इस मामले के गंभीर परिणाम हो सकते थे।
जिला पुलिस अधीक्षक ने सीआईए सिरसा की इस सराहनीय कार्रवाई की प्रशंसा की है और कहा है कि इस त्वरित कार्रवाई से न केवल एक मासूम की जान बची, बल्कि अपराधियों के मनोबल को भी करारा झटका लगा है। फिर भी सवाल यह है कि क्या हमारे बच्चे वाकई सुरक्षित हैं जब अपने ही पड़ोसी इस तरह के जघन्य अपराध में लिप्त हो जाते हैं।
