Rajasthan Sports News: हरियाणा के खिलाड़ी को राजस्थान में खेल अवॉर्ड क्यों? कोटा की अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर अरुंधति चौधरी ने….
Rajasthan Sports Awards Controversy: हरियाणा के खिलाड़ी को राजस्थान में खेल अवॉर्ड दिए जाने को लेकर स्थानीय खिलाड़ियों की अनदेखी और पारदर्शिता की कमी पर अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर अरुंधति चौधरी ने कड़ा विरोध जताया है। अनदेखी पर उठे सवाल और मुख्यमंत्री तक पहुंची शिकायत की पूरी खबर पढ़ें।
Rajasthan Sports News: अरुंधति चौधरी, जिन्होंने यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक और कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मेडल जीते हैं, उनके मुताबिक इस बार भिवाड़ी, हरियाणा के लक्ष्य चाहर को सम्मानित किए जाने की बात सामने आई है। लक्ष्य चाहर वास्तव में हरियाणा के रहने वाले हैं और उनके पिता का ट्रांसफर जयपुर हुआ था जिससे वे राजस्थान की ओर से खेलते हैं। ऐसे में वे मूल रूप से राजस्थान के खिलाड़ी नहीं माने जा सकते। अरुंधति और उनके कोच ने राज्य सरकार और यहां तक कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा तक अपनी शिकायत पहुंचाई है ताकि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए।
Maharana Pratap Award 2025: राजस्थान के खेल पुरस्कार पर भिवाड़ी, हरियाणा के खिलाड़ी को सम्मान दिए जाने को लेकर कोटा के अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर अरुंधति चौधरी और उनके कोच अशोक गौतम ने कड़ी नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि महाराणा प्रताप और गुरु वशिष्ठ अवॉर्ड, जो मूल रूप से राजस्थान के खिलाड़ी और कोचों को दिए जाते हैं, उसमें प्रदेश के स्थानीय खिलाड़ियों की अनदेखी हो रही है और बाहरी खिलाड़ियों को यह सम्मान मिल रहा है। अरुंधति और उनके कोच का कहना है कि यदि ऐसी परिस्थिति बनी रही, तो भविष्य में कोई भी बाहरी खिलाड़ी राजस्थान में कुछ साल खेलकर यह सम्मान हासिल कर सकता है, जबकि राजस्थान के असली खिलाड़ी इसकी उम्मीद खो देंगे।
Rajasthan Sports Awards Controversy: इस विवाद में सामने आया है कि कोच विजय सिंह ने लक्ष्य चाहर को अपना शिष्य बताकर सूची में शामिल कराया था, जिससे इस अवॉर्ड का चयन विवादास्पद हो गया है। खिलाड़ियों का कहना है कि यह अवॉर्ड केवल राजस्थान के मूल निवासियों और खिलाड़ियों को ही मिलना चाहिए ताकि स्थानीय प्रतिभाओं को उचित मौका मिले।
Haryana Player Awarded In Rajasthan: यह मामला राजस्थान खेल पुरस्कारों की पारदर्शिता और मूल निवासियों को सम्मानित करने की नीति पर सवाल खड़ा करता है। अरुंधति जैसी प्रतिभाओं ने प्रदेश के लिए गर्व का विषय बनने वाली उपलब्धियां हासिल की हैं, पर स्थानीय खिलाड़ियों की उपेक्षा से खेल की खुशबू कहीं और निकलने का खतरा है। ऐसे में उम्मीद की जानी चाहिए कि राजस्थान सरकार खिलाड़ियों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस विवाद का समाधान करेगी।
