Haryana Olympic Games :पंद्रह साल का इंतजार खत्म! नवंबर से हरियाणा ओलंपिक गेम्स में दिखेगा खेलों का सबसे बड़ा मेला
15 साल बाद हरियाणा ओलंपिक गेम्स की धूम November से फिर लौट रही है। सीएम नायब सैनी करेंगे उद्घाटन, खिलाड़ियों को मिलेगा बड़ा मंच और खेल संस्कृति को नई पहचान।

Haryana Olympic Games : पंद्रह साल का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म होने वाला है। इस नवंबर, हरियाणा फिर से खेलों का गढ़ बनने जा रहा है। तालियों की गूंज, खिलाड़ियों का जोश और मैदान की वो धमक अब एक बार फिर सुनाई देगी। जी हां, प्रदेश का सबसे बड़ा खेल महाकुंभ ‘हरियाणा ओलंपिक गेम्स’ भव्य अंदाज में वापसी करने जा रहा है।
Haryana sports news : प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने खुद इस ऐतिहासिक आयोजन को मंजूरी देते हुए साफ कर दिया है कि इस गेम्स का उद्घाटन वे निजी तौर पर करेंगे। मंगलवार को हरियाणा ओलंपिक संघ (एचओए) के अध्यक्ष कप्तान जसविंद्र मीनू बेनीवाल और प्रधान महासचिव व पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने सीएम से मुलाकात की और तैयारियों का जायजा लिया। खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों के लिए यह खबर किसी त्योहार से कम नहीं मानी जा रही।
खिलाड़ियों की मेहनत और ईमानदारी से जुड़े सवालों को देखते हुए इस बार एचओए ने सख्ती के पूरे इंतज़ाम किए हैं। अब हर हिस्सेदार खिलाड़ी को मिलने वाले सर्टिफिकेट पर माता-पिता का नाम, आधार कार्ड नंबर और जन्मतिथि अंकित होगी। इसका सीधा मतलब है कि अब कोई भी फर्जी खिलाड़ी मैदान में एंट्री नहीं ले पाएगा। यह कदम उन असली मेहनती खिलाड़ियों के लिए राहत की खबर है, जिनका पसीना ही उन्हें आगे बढ़ाता है।
इसके साथ ही पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन यानी 17 सितंबर से लेकर 2 अक्तूबर तक सेवा पखवाड़ा भी चलेगा, जिसके तहत 75 गांवों में नई व्यायामशालाएं और इंडोर स्टेडियम की शुरुआत होगी। यही नहीं, इस दौरान बड़े स्तर पर स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा ताकि गांवों में खेल और स्वास्थ्य संस्कृति दोनों को बढ़ावा मिल सके। सरकार का इरादा साफ है कि खेल, फिटनेस और स्वच्छता मिलकर हरियाणा को एक नई पहचान दें।
हरियाणा ओलंपिक संघ के अध्यक्ष मीनू बेनीवाल का कहना है कि इस मिट्टी ने हमेशा चैंपियंस पैदा किए हैं। चाहे ओलंपिक हो या एशियाई खेल, यहां के खिलाड़ियों ने देश को बार-बार मेडल दिलाकर गौरवान्वित किया है। ऐसे में 15 साल बाद लौटते हरियाणा ओलंपिक गेम्स खिलाड़ियों के आत्मविश्वास और उत्साह को कई गुना बढ़ा देंगे। यह सिर्फ प्रतियोगिता नहीं बल्कि प्रदेश की नई खेल संस्कृति की शुरुआत मानी जा रही है।
इस पूरे आयोजन का नारा भी साफ है – ‘खेलो हरियाणा, बढ़ो आगे।’ मुख्यमंत्री नायब सैनी के नेतृत्व में और एचओए की कड़ी निगरानी में होने वाला यह भव्य आयोजन प्रदेश के युवाओं के लिए सुनहरा मौका बनेगा। अब उम्मीद सिर्फ यही है कि नवंबर में हरियाणा का स्पोर्ट्स ग्राउंड पूरे देश की नजरों का केंद्र बने और यहां से निकले सितारे भारत का नाम और भी ऊंचा करें।
