Haryana Healthcare Update: अब डॉक्टरों की हैंडराइटिंग नहीं बनेगी मरीजों की दिक्कत, हरियाणा में नया आदेश!
हरियाणा में अब डॉक्टरों की हैंडराइटिंग से नहीं घूमेगा मरीजों का सिर! सरकार ने दवाइयों के नाम साफ-साफ लिखने का आदेश दिया।

Haryana Healthcare Update: अब हरियाणा के डॉक्टरों की हैंडराइटिंग से नहीं घूमेगा मरीजों का सिर! सरकार ने डॉक्टरों को साफ और स्पष्ट अक्षरों में दवाओं के नाम लिखने का आदेश दिया है। अब न तो मरीज को दवा के नाम को समझने में दिक्कत होगी, न ही फार्मेसी वालों को डॉक्टर की लिखावट को पढ़ने में उलझन होगी। अंबाला सिविल सर्जन डॉ. राकेश सहल ने सभी सरकारी डॉक्टरों को ओपीडी कार्ड पर दवाइयों के नाम साफ-साफ लिखने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश के बाद यह फैसला लिया गया है। अब जब कोई मरीज ओपीडी में जाएगा, तो उसे आसानी से समझ आएगा कि डॉक्टर ने कौन-सी दवा लिखी है और क्या उपचार दिया है। अक्सर यह देखा जाता था कि डॉक्टर की लिखावट इतनी अस्पष्ट होती थी कि सिर्फ फार्मेसी वाले या खुद डॉक्टर ही समझ पाते थे। अब ऐसा नहीं होगा। सरकारी डॉक्टरों को यह साफ कर दिया गया है कि अगर कोई डॉक्टर नियम तोड़ता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
इस फैसले से मरीजों को राहत मिलेगी और दवाइयों की गलतफहमी से बचाव होगा। डॉ. राकेश सहल ने कहा कि यह आदेश मुख्यालय से मिले पत्र के बाद जारी किया गया है। अब हरियाणा के नागरिक अस्पतालों में ओपीडी कार्ड पर लिखी गई दवाओं के नाम साफ-साफ और समझदारी से लिखे जाएंगे। इससे न सिर्फ मरीजों को फायदा होगा, बल्कि दवा की गलतफहमी और गलत दवा लेने का खतरा भी कम होगा।
टेबल: नए नियम का असर
| पहले की स्थिति | नए नियम के बाद |
|---|---|
| डॉक्टर की लिखावट अस्पष्ट | साफ और स्पष्ट अक्षरों में लिखावट |
| दवा के नाम समझने में दिक्कत | मरीज आसानी से समझ सकेंगे |
| फार्मेसी वाले ही समझ पाते थे | सभी को समझ आएगा |
| गलत दवा लेने का खतरा | कम खतरा, बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा |
