Bikaner Protest : बीकानेर में युवाओं का गुस्सा फूटा: गंदी वीडियो ट्रेंड पर लगा निशाना, अनिश्चितकालीन धरना शुरू
बीकानेर में युवाओं ने सोशल मीडिया पर फैल रही गंदी वीडियो और अश्लील कंटेंट पर कड़ा विरोध जताते हुए अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। उनकी मांग है कि प्रशासन कार्रवाई करे और जिम्मेदार लोगों को तुरंत रोका जाए।

Bikaner Protest : बीकानेर में इन दिनों युवाओं का गुस्सा सातवें आसमान पर है। शहर के अलग-अलग इलाकों से जुटे युवा लड़कों ने सोशल मीडिया पर फैल रही गंदी वीडियो और फूहड़ कंटेंट के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उनका कहना है कि अश्लीलता की ये लहर छोटे बच्चों और किशोरों के दिमाग पर बेहद बुरा असर डाल रही है। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि क्षेत्र के सैकड़ों युवक सड़कों पर उतर आए और अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।
धरने के बीच युवाओं ने पोस्टर भी बना रखे हैं, जिनमें साफ लिखा है कि “अश्लील कंटेंट को बंद करो”। उनका कहना है कि जब तक प्रशासन इस मामले में कड़ी और ठोस कार्रवाई नहीं करता, धरना खत्म होने का सवाल ही नहीं है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सोशल मीडिया पर धड़ल्ले से फैल रहे इन वीडियो के पीछे संगठित गिरोह भी काम कर रहे हैं, जिन्हें तुरंत रोके बिना समाज के हालात और खराब ही होंगे।
धरना जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। लोग अलग-अलग प्लेटफार्म पर इसे शेयर कर रहे हैं और तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग युवाओं के इस कदम को समाज की सफाई की पहल मान रहे हैं, वहीं कुछ इसे इंटरनेट नियंत्रण की बहस से जोड़कर देख रहे हैं। लेकिन हकीकत यही है कि बीकानेर के इस आंदोलन ने पूरे राजस्थान में चर्चा छेड़ दी है।
धरने में शामिल युवक बार-बार यही जता रहे हैं कि अगर आज ही इस गंदगी को नहीं रोका गया, तो आने वाली पीढ़ी के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा संकट खड़ा हो जाएगा। उनका यह भी कहना है कि बच्चों को इंटरनेट से जोड़ने से ज्यादा जरूरी है उन्हें साफ-सुथरा माहौल देना। इसी वजह से उनकी एक ही मांग है कि प्रशासन और पुलिस ऐसे वीडियो बनाने वाली लड़कियों और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करे।
बीकानेर की सड़कों पर लगे इस धरने ने अब राजनीतिक रंग भी लेना शुरू कर दिया है। कुछ स्थानीय नेताओं और सामाजिक संगठनों ने भी युवाओं का समर्थन किया है। वहीं प्रशासनिक स्तर पर भी अधिकारियों की बैठकों का दौर जारी है। फिलहाल बीकानेर की जनता की निगाहें सिर्फ इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर कब और कैसा कदम उठाता है।
