Amritpal Singh Parole: संसद सत्र में भाग लेने के लिए अमृतपाल सिंह ने मांगी पैरोल, हाईकोर्ट में पेश हुई याचिका
लोकसभा सांसद और NSA के तहत बंद अमृतपाल सिंह ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में पैरोल के लिए याचिका दायर की है, जिससे वे 1 दिसंबर से शुरू हो रहे संसद सत्र में शामिल हो सकें। कोर्ट ने पंजाब सरकार को इस पर शीघ्र निर्णय लेने का निर्देश दिया।

Amritpal Singh Parole: सांसद अमृतपाल सिंह ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया है और अंतरिम बेल के लिए पैरोल मांगी है ताकि वे 1 दिसंबर से शुरू हो रहे शीतकालीन संसद सत्र में हिस्सा ले सकें। अमृतपाल सिंह फिलहाल असम की डिब्रूगढ़ जेल में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत बंद हैं और उन्होंने अपनी याचिका में इस सत्र में शामिल होने का आग्रह किया है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने इस मामले में निर्देश दिया है कि पंजाब सरकार को उनकी पैरोल याचिका पर एक सप्ताह के भीतर निर्णय लेना होगा, ताकि वे संसद सत्र शुरू होने से पहले इस पर फैसला हो सके।
अमृतपाल सिंह को अप्रैल 2023 में NSA के तहत हिरासत में लिया गया था और वे खडूर साहिब लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024 में स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और लगभग चार लाख वोट लेकर विजयी हुए। याचिका में उन्होंने यह भी बताया कि संसद सत्र में उपस्थित होना उनका संवैधानिक कर्तव्य है और उन्होंने पंजाब एवं केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि वे उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने दें। हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि उनकी पैरोल याचिका को आवेदन के रूप में माना जाएगा और पंजाब सरकार को जल्द फैसला लेना होगा।
अमृतपाल सिंह की पैरोल याचिका में NSA की धारा 15 का हवाला दिया गया है, जो रविवार परिस्थितियों में अस्थायी रिहाई की अनुमति देती है। एक बार पहले जुलाई 2024 में भी उन्हें चार दिन के लिए पैरोल मिली थी, जब वे सांसद पद की शपथ लेने के लिए संसद गए थे। इस बार वे संसद सत्र में शहरी बाढ़ और आपदा राहत जैसे मुद्दों पर बोलने की तैयारी में हैं। फिर भी सरकार की ओर से यह तर्क दिया गया है कि उन्होंने पूर्ण औपचारिक आवेदन प्रस्तुत नहीं किया है, केवल एक प्रतिनिधित्व दिया है, लेकिन कोर्ट ने इसे भी आवेदन की तरह माना है।
पंजाब पुलिस ने 2023 में हुए अज्नाला पुलिस स्टेशन हमले के बाद अमृतपाल सिंह के खिलाफ कार्रवाई की थी, जिससे उनकी गिरफ्तारी हुई। वे वारिस पंजाब दे समूह के प्रमुख और भिंडलावाले के अनुयायी बताए जाते हैं। उन्होंने कथित रूप से पंजाब में अलगाववादी गतिविधियां चलाने का आरोप सहन किया है। उनके साथ जुड़े नौ अन्य लोग भी NSA केस में जेल में हैं, जिनमें से कई को पंजाब वापस लाया जा चुका है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि वे मानवाधिकार, लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और संवैधानिक कर्तव्यों का ध्यान रखकर एक न्यायसंगत निर्णय लें।
इस प्रकरण की बड़ी बात यह है कि सांसद रहते हुए भी अमृतपाल सिंह जेल में हैं और उनका संसद में शामिल होना लोकतांत्रिक व्यवस्था की कसौटी है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की इस आदेश से संसद सत्र में उनकी उपस्थिति की संभावना बनी हुई है, बशर्ते कि सरकार समय पर फैसला करे। यह मामला संवैधानिक अधिकारों, सुरक्षा कानून और लोकतंत्र की अहम टकराव की मिसाल बनता जा रहा है।
