Haryana Delhi Border News: दिल्ली में पुराने डीजल वाहनों की नो एंट्री- टिकरी बॉर्डर पर शुरू हुई चेकिंग
दिल्ली ने बीएस-6 से नीचे वाले वाणिज्यिक वाहनों की नो एंट्री का आदेश जारी किया है। टिकरी बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस और परिवहन विभाग ने चेकिंग शुरू कर दी है। जानिए इस नए नियम और उसकी चुनौतीपूर्ण स्थितियों के बारे में।

Haryana Delhi Border News: दिल्ली में बीएस-6 मानक से नीचे के पुराने डीजल वाहनों की एंट्री पर पूरी तरह से रोक लगाई जा चुकी है। खासकर टिकरी बॉर्डर पर दिल्ली यातायात पुलिस और परिवहन विभाग ने कड़ी चेकिंग शुरू कर दी है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में प्रदूषण को कम करने के लिए आज से बीएस-3 और उससे नीचे के वाणिज्यिक मालवाहक वाहनों को दिल्ली में प्रवेश करने से रोका गया है, जिसके चलते बहादुरगढ़ के करीब पांच हजार से ज्यादा वाहन अब राजधानी में नहीं आ सकेंगे। हालांकि, बीएस-4 मानक के वाहनों को 31 अक्टूबर 2026 तक थोड़ी राहत दी गई है ताकि चालक तैयारी कर सकें।
Delhi Pollution Control: दिल्ली-हरियाणा की सीमाओं पर हर दिन करीब एक लाख वाहन दोनों तरफ से गुजरते हैं, जिनमें अधिकतर बहादुरगढ़ और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों के मालवाहक ट्रक होते हैं, जिन्हें अब सख्त नियंत्रण के दायरे में लाया गया है। इन वाहनों की चेकिंग टिकरी बॉर्डर सहित अन्य प्रमुख प्रवेश मार्गों पर बड़े पैमाने पर चल रही है। यदि कोई प्रतिबंधित वाहन पाया जाता है तो उसे इंपाउंड कर लिया जाएगा और भारी जुर्माना भी लगेगा। इसके साथ ही दिल्ली सरकार, परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन को कानूनी और पर्यावरणीय एजेंसियों की निगरानी में इस नियम का सख्ती से पालन कराने के निर्देश मिले हैं और कार्यान्वयन की रिपोर्ट हर तिमाही देनी होगी।
परन्तु, प्रदूषण पर लगाम लगाने के ये प्रयास टिकरी बॉर्डर की सफाई व्यवस्था की समस्या के कारण चुनौतीपूर्ण बन रहे हैं। वहाँ पर मिट्टी व कचरे के ढेर से दिनभर धूल उड़ती रहती है, जिससे ना सिर्फ वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है बल्कि स्थानीय लोगों को भी सांस लेने में दिक्कत हो रही है। इस क्षेत्र में सफाई और धूल निवारण के लिए विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि सीमा क्षेत्रों पर प्रदूषण को कम किया जा सके और दिल्ली एवं उसके पड़ोसी इलाकों की हवा और स्वच्छ हो।
यह प्रतिबंध दिल्ली के वायु प्रदूषण प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के आदेश का हिस्सा है, जो अक्टूबर से फरवरी तक के प्रदूषण के गंभीर दौर में वाहनों के प्रदूषण को कम करने के लिए कड़े कदम उठा रहा है। अब केवल बीएस-6 मानक के वाणिज्यिक वाहन, दिल्ली में पंजीकृत बीएस-4 वाहन (2026 तक), और स्वच्छ ईंधन पर चलने वाले वाहन जैसे सीएनजी, एलएनजी और इलेक्ट्रिक वाहन ही दिल्ली में प्रवेश कर पाएंगे।
इस कदम से दिल्ली की हवा में न केवल प्रदूषण घटेगा, बल्कि वाहनों के उन्नयन के लिए भी एक सकारात्मक संदेश जाएगा कि पुराने प्रदूषणकारी वाहन बदलकर स्वच्छ और पर्यावरण फ्रेंडली वाहनों को अपनाना जरूरी है। टिकरी बॉर्डर की सफाई व व्यवस्थापन में सुधार के बिना हवा की गुणवत्ता में भारी सुधार संभव नहीं होगा, इसलिए प्रशासन को इस दिशा में विशेष कदम उठाने होंगे।
