Bharat Taxi: सर्ज प्राइसिंग से छुटकारा, ड्राइवरों को 80% किराया – दिल्ली में 1 जनवरी से नई सरकारी कैब सर्विस
Bharat Taxi दिल्ली में 1 जनवरी से शुरू हो रही है, जहां न सर्ज प्राइसिंग होगी और न भारी कमीशन। ड्राइवरों को मिलेगा 80% से ज्यादा किराया, यात्रियों को सस्ती और सुरक्षित राइड का नया सरकारी विकल्प।

Bharat Taxi: दिल्ली में कैब किराए का खेल अब बदलने वाला है। सहकारिता मंत्रालय के तहत शुरू हुई सरकारी ‘Bharat Taxi’ सर्विस 1 जनवरी से दिल्ली में औपचारिक तौर पर शुरू की जा रही है, जिसका दावा है कि यहां न मनमानी सर्ज प्राइसिंग होगी और न ही ड्राइवरों की कमाई पर मोटा कमीशन कटेगा।
दिल्ली वालों के लिए यह नई सर्विस किसी ताजी हवा के झोंके की तरह है, क्योंकि लंबे समय से ओला‑उबर जैसी प्राइवेट ऐप्स पर पीक ऑवर में अचानक किराया दोगुना‑तीन गुना होने, ड्राइवरों के राइड कैंसल करने और सपोर्ट सिस्टम कमजोर होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। Bharat Taxi का मॉडल साफ‑साफ कहता है कि यहां किराया पारदर्शी रहेगा, पहले से तय रेट पर सफर होगा और भीड़भाड़, बारिश या त्योहार के नाम पर आपको जेब पर अतिरिक्त बोझ नहीं उठाना पड़ेगा, जिससे रोज़ ऑफिस जाने वाले से लेकर एयरपोर्ट, स्टेशन या हॉस्पिटल जाने वाले यात्रियों तक सभी को राहत मिलेगी।
सबसे बड़ी बात, यह प्लेटफॉर्म पूरी तरह ड्राइवर‑फ्रेंडली रखा गया है। सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव के इस मॉडल में ड्राइवरों को हर राइड का 80 फीसदी से भी ज्यादा किराया सीधे उनके अकाउंट में जाएगा, जबकि बाकी हिस्सा मेंटेनेंस और टेक्निकल सपोर्ट पर खर्च होगा, यानी अब ड्राइवरों को 25–30 फीसदी कमीशन कटने का डर नहीं रहेगा। दिल्ली में अभी लॉन्च से पहले ही करीब 50–56 हज़ार से ज़्यादा ड्राइवर Bharat Taxi से जुड़ चुके हैं, जो साफ दिखाता है कि मैदान में उतरने से पहले ही इस ऐप ने ड्राइवर कम्युनिटी के बीच भरोसे की मजबूत नींव बना ली है।
Bharat Taxi सिर्फ कार तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ऑटो, टैक्सी और बाइक – तीनों तरह के विकल्प एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेंगे, ताकि छोटी दूरी से लेकर लंबी राइड तक हर जरूरत के लिए अलग‑अलग जेब‑फ्रेंडली ऑप्शन मौजूद हों। ऐप पर रियल टाइम ट्रैकिंग, 24×7 कस्टमर सपोर्ट, कैश और डिजिटल पेमेंट, मल्टीलिंगुअल इंटरफेस और सेफ्टी फीचर्स जैसे SOS बटन, दिल्ली पुलिस से इंटीग्रेशन और वेरिफाइड ड्राइवर ऑनबोर्डिंग जैसे सिस्टम लगाए गए हैं, जिससे फैमिली ट्रैवलर्स, कॉरपोरेट यूजर्स और टूरिस्ट – तीनों क्लास के लोगों के लिए सफर ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक बन सके।
ड्राइवरों के लिए भी यह ऐप सिर्फ कमाई का जरिया नहीं, बल्कि मालिकाना हक का मौका लेकर आया है। सहकार मॉडल की खासियत यह है कि ड्राइवर कोऑपरेटिव के मेंबर बनकर शेयर होल्ड कर सकते हैं, बोर्ड में प्रतिनिधित्व पा सकते हैं और सालाना प्रॉफिट में डिविडेंड भी ले सकते हैं, यानी पहली बार कैब प्लेटफॉर्म के फैसलों में भी उनकी सीधी हिस्सेदारी रहेगी। कंपनी का कहना है कि कम कमीशन, समय पर भुगतान, टेक्निकल हेल्पडेस्क और ट्रेनिंग सपोर्ट से ड्राइवरों और प्लेटफॉर्म के बीच भरोसा मजबूत होगा और रोज‑रोज के झगड़ों, इंसेंटिव कटने और अकाउंट ब्लॉक होने जैसी परेशानियां काफी हद तक खत्म हो जाएंगी।
दिल्ली में Bharat Taxi की लॉन्चिंग फिलहाल सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव के पायलट ऑपरेशन को आगे बढ़ाते हुए की जा रही है, जिसका ट्रायल दिल्ली और गुजरात में पहले ही शुरू हो चुका है और इसका एंड्रॉइड ऐप Google Play Store पर ‘Bharat Taxi’ और ‘Bharat Taxi Driver’ नाम से लाइव है। iOS वर्ज़न भी जल्द आने वाला है, ताकि आईफोन यूजर्स भी आसानी से लोकल और आउटस्टेशन दोनों तरह की राइड बुक कर सकें और एक ही ऐप से मेट्रो, कैब और दूसरे ट्रांसपोर्ट ऑप्शन को जोडकर पूरा जर्नी प्लान बना सकें, जिसका लक्ष्य है कि आने वाले समय में यह प्लेटफॉर्म दिल्ली‑NCR की पूरी मोबिलिटी इकोसिस्टम का अहम हिस्सा बन जाए।
सरकार की मंशा साफ है – ‘सहकार से समृद्धि’ वाले विजन के तहत Bharat Taxi को ऐसे मॉडल के रूप में खड़ा किया जा रहा है, जो प्राइवेट ऐप्स को स्वस्थ टक्कर दे, लेकिन मैदान में नियम और पारदर्शिता तय कर दे। अगर यह मॉडल सफल होता है तो आने वाले वक्त में इसे देश के दूसरे बड़े शहरों में भी लागू किए जाने की तैयारी है, और तब ड्राइवरों के लिए यह सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि एक तरह की साझा कंपनी का हिस्सा बनकर स्थायी रोज़गार और सम्मानजनक कमाई का रास्ता खोल सकता है, जबकि यात्रियों के लिए यह रोजमर्रा के सफर का सस्ता और भरोसेमंद विकल्प साबित होगा।
