सरकारी नौकरी छोड़ ड्रैगन फ्रूट से कमाए 7 लाख सालाना: सिरसा के गुरशरण की सफल कहानी
हरियाणा के सिरसा निवासी गुरशरण सिंह ने सरकारी नौकरी छोड़कर 12 कनाल में 762 ड्रैगन फ्रूट के पौधे लगाए। जानें कैसे वे सालाना 7 लाख कमा रहे हैं और 10 लोगों को रोजगार दे रहे हैं।

सरकारी नौकरी छोड़ ड्रैगन फ्रूट से कमाए 7 लाख सालाना: सिरसा के गुरशरण की सफल कहानी
हरियाणा के सिरसा जिले में एक ऐसी प्रेरणादायक कहानी सामने आई है जो आज के दौर में युवाओं के लिए एक नई राह दिखाती है। गुरशरण सिंह ग्रोवर नाम के एक व्यक्ति ने सरकारी नौकरी को छोड़कर ड्रैगन फ्रूट की खेती का रास्ता चुना और आज वे सालाना 7 लाख रुपये तक की कमाई कर रहे हैं।

गुरशरण सिंह मुंसिपल काउंसिल सिरसा में सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत थे। सितंबर 2020 में वीआरएस लेकर वे खेती के क्षेत्र में आए। हालांकि उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से तीन साल पहले ही रिटायरमेंट ले लिया था, लेकिन खेती के प्रति उनका जुनून बचपन से ही था।
सिरसा के रंगड़ी खेड़ा गांव में गुरशरण सिंह के पास 10 एकड़ पुश्तैनी जमीन है। उन्होंने इसमें से 12 कनाल में ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू की। मार्च 2022 में पहली बार उन्होंने अपने फार्म पर 762 पौधे लगाए। साउथ अफ्रीका से क्रॉस ब्रीड किस्म के पौधे मंगवाए गए जो 18 महीने में फल देने लगे।
ड्रैगन फ्रूट की इस खेती से गुरशरण सिंह को अब सालाना 5-7 लाख रुपये की आमदनी हो रही है। उनकी खेती से प्रेरणा लेकर क्षेत्र के अन्य किसान भी इस फसल की तरफ आकर्षित हुए हैं। गुरशरण के फार्म को देखने के लिए दूसरे किसानों का तांता लगा रहता है।
रोजगार के अवसर भी बने
गुरशरण की इस सफल पहल से न केवल उन्हें आर्थिक लाभ हुआ है बल्कि उन्होंने 10 लोगों को रोजगार भी दिया है। खेत की देखभाल, सिंचाई और कटाई के लिए उन्होंने स्थानीय मजदूरों को काम पर लगाया है।
ड्रैगन फ्रूट की खेती के फायदे
ड्रैगन फ्रूट की खेती किसानों के लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो रही है। यह फसल एक बार लगाने पर 15-20 साल तक फल देती रहती है। बाजार में इसकी कीमत 150-300 रुपये प्रति किलो तक मिलती है। एक एकड़ में लगभग 1800-2000 पौधे लगाए जा सकते हैं जिससे वार्षिक 5-6 लाख रुपये की कमाई संभव है।
सरकारी सहायता भी मिलती है
हरियाणा सरकार ड्रैगन फ्रूट की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को 30 हजार रुपये प्रति एकड़ अनुदान दे रही है। कई राज्यों में एक एकड़ पर 1.50 लाख रुपये तक की सब्सिडी भी उपलब्ध है।
बाजार में बढ़ती मांग
कोरोना काल के बाद से इम्यूनिटी बूस्टर फलों की मांग काफी बढ़ी है। ड्रैगन फ्रूट में विटामिन सी, आयरन और अन्य पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में होते हैं। डेंगू और अन्य बीमारियों में भी इसे फायदेमंद माना जाता है।
तकनीकी विशेषताएं
ड्रैगन फ्रूट का पौधा कैक्टस प्रजाति का होता है जो कम पानी में भी उग सकता है। यह साल में 6-7 बार फल देता है। एक पौधा साल में 10-20 किलो तक फल दे सकता है। इसमें कीट-रोग की समस्या भी कम होती है।
गुरशरण सिंह की कहानी आज के युवाओं के लिए एक प्रेरणा है कि कैसे परंपरागत खेती को छोड़कर नवाचार के साथ खेती में भी अच्छी कमाई की जा सकती है। उनका कहना है कि अगर किसान कुछ नया करने की सोचें तो उन्हें ज्यादा मुनाफा हो सकता है।
